राजस्थान में पंचायत चुनाव 2026 को लेकर राज्य निर्वाचन आयोग ने बड़ा फैसला लिया है। आयोग की ओर से जारी आदेश के अनुसार इस बार पंचायत राज संस्थाओं के आम चुनाव आधुनिक तकनीक और पारंपरिक तरीके दोनों के मिश्रण से कराए जाएंगे। यह आदेश 13 फरवरी 2026 को जारी किया गया है और इसमें स्पष्ट किया गया है कि चुनाव प्रक्रिया को पारदर्शी, सुचारु और व्यवस्थित तरीके से संपन्न कराने के लिए नियम 35 के तहत प्रदत्त शक्तियों का उपयोग किया गया है। इस फैसले के बाद चुनाव की तैयारियों ने और तेजी पकड़ ली है।
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आदेश में बताया गया है कि राजस्थान पंचायती राज (निर्वाचन) नियम, 1994 के नियम 35 में यह प्रावधान है कि मतदान मशीनों और मतपत्र के माध्यम से मतदान कराया जा सकता है। इसी नियम के आधार पर राज्य निर्वाचन आयोग ने परिस्थितियों को ध्यान में रखते हुए पंचायत चुनाव 2026 के लिए अलग-अलग स्तरों पर मतदान की प्रक्रिया तय की है। इसका उद्देश्य चुनाव को अधिक पारदर्शी और तकनीकी रूप से सक्षम बनाना है ताकि किसी भी प्रकार की गड़बड़ी की आशंका कम से कम रहे।
राजस्थान मे सरपंच के चुनाव मतपत्र से और पंचायत समिति और जिला परिषद सदस्य के चुनाव ईवीएम से होंगे
जारी निर्देशों के अनुसार जिला परिषद और पंचायत समितियों के सभी वार्डों का चुनाव इलेक्ट्रॉनिक वोटिंग मशीन (ईवीएम) के माध्यम से कराया जाएगा। इससे मतगणना प्रक्रिया भी तेज होगी और परिणाम कम समय में घोषित किए जा सकेंगे। वहीं ग्राम पंचायत स्तर पर सरपंच और वार्ड पंच का चुनाव मतपत्र के जरिए कराया जाएगा। यानी ग्राम पंचायत के चुनाव में पारंपरिक बैलेट पेपर प्रणाली लागू रहेगी। आयोग का यह निर्णय ग्रामीण स्तर पर सुगमता और व्यवस्थागत जरूरतों को ध्यान में रखते हुए लिया गया है।
राज्य निर्वाचन आयोग के मुख्य निर्वाचन अधिकारी एवं सचिव की ओर से जारी इस आदेश की प्रतिलिपि संबंधित अधिकारियों को भी भेजी गई है, ताकि चुनावी तैयारियों को समय रहते पूरा किया जा सके। इसमें राज्य निर्वाचन आयुक्त के निजी सचिव, राजस्थान सरकार के मुख्य सचिव, पंचायतीराज विभाग के शासन सचिव एवं आयुक्त, सभी संभागीय आयुक्त, सभी जिला निर्वाचन अधिकारी (पंचायत) एवं अन्य संबंधित अधिकारियों को आवश्यक कार्रवाई के लिए निर्देशित किया गया है। साथ ही आयोग की वेबसाइट पर इस आदेश को प्रदर्शित करने के निर्देश भी दिए गए हैं, जिससे आमजन और उम्मीदवारों को भी स्पष्ट जानकारी मिल सके।
इस फैसले से यह साफ हो गया है कि पंचायत चुनाव 2026 में तकनीक और पारंपरिक व्यवस्था दोनों का संतुलित उपयोग किया जाएगा। जिला और ब्लॉक स्तर पर ईवीएम से मतदान होने से प्रक्रिया तेज और पारदर्शी रहेगी, जबकि ग्राम पंचायत स्तर पर मतपत्र से मतदान कराकर स्थानीय स्तर की व्यवस्थाओं को ध्यान में रखा जाएगा। अब सभी की नजर चुनाव कार्यक्रम की आधिकारिक घोषणा और नामांकन प्रक्रिया पर टिकी हुई है। पंचायत चुनाव 2026 को लेकर प्रदेश में राजनीतिक हलचल भी तेज होने की संभावना है और आने वाले दिनों में इससे जुड़ी अन्य महत्वपूर्ण जानकारियां भी सामने आ सकती हैं।
