राजस्थान माध्यमिक शिक्षा बोर्ड में इस बार 10वीं कक्षा का परिणाम समय से पहले जारी करने की तैयारी जोरों पर है। बोर्ड प्रशासन ने साफ कर दिया है कि 12वीं से पहले 10वीं का रिजल्ट घोषित करने का लक्ष्य रखा गया है, ताकि विद्यार्थियों को 11वीं कक्षा में प्रवेश के लिए पर्याप्त समय मिल सके। इसी वजह से अवकाश के दिन भी बोर्ड कार्यालय में देर रात तक काम किया गया और उत्तर पुस्तिकाओं के बंडल तैयार किए गए।
Rajasthan Board 10th Result Copy Checking
रिपोर्ट के अनुसार रविवार रात बोर्ड कार्यालय में अधिकारियों और कर्मचारियों ने नाइट वर्क किया। प्रदेश के विभिन्न जिलों से आई उत्तर पुस्तिकाओं को अलग-अलग बंडलों में व्यवस्थित किया गया। किस जिले के किस केंद्रीकृत मूल्यांकन केंद्र पर कौन-सा बंडल भेजा जाएगा, इसकी पूरी योजना पहले से तैयार थी। उसी के अनुसार पैकिंग की गई। देर रात तक चली इस प्रक्रिया के बाद सोमवार को इन बंडलों को सुरक्षा इंतजामों के साथ संबंधित जिलों के लिए रवाना किया जाएगा। बोर्ड का उद्देश्य है कि मूल्यांकन कार्य तेजी से पूरा हो और तय समय से पहले परिणाम जारी किया जा सके।
बोर्ड प्रशासन का कहना है कि इस बार मूल्यांकन प्रक्रिया को अधिक सुव्यवस्थित और पारदर्शी बनाया गया है। संवेदनशील केंद्रों पर विशेष निगरानी रखी जा रही है। अधिकारी लगातार निरीक्षण कर रहे हैं, ताकि किसी भी प्रकार की लापरवाही या गड़बड़ी की गुंजाइश न रहे। बताया गया है कि प्रदेशभर में 6,194 परीक्षा केंद्रों पर परीक्षाएँ संचालित हुई थीं और अब मूल्यांकन के लिए भी व्यापक व्यवस्था की गई है।
शिक्षा बोर्ड में 10वीं का रिजल्ट जल्दी जारी करने के लिए अवकाश के दिन भी नाइट वर्क हुआ
स्वयं प्रशासक ने जोधपुर में परीक्षा केंद्रों का निरीक्षण किया, जबकि अन्य वरिष्ठ अधिकारी भी अलग-अलग जिलों में जाकर व्यवस्थाओं का जायजा ले रहे हैं। बोर्ड सचिव ने जानकारी दी कि इस वर्ष पहली बार अभय कमांड सेंटर और बोर्ड कार्यालय में लगाए गए कैमरों के माध्यम से भी संवेदनशील केंद्रों की गतिविधियों पर नजर रखी जा रही है। सीसीटीवी मॉनिटरिंग के जरिए परीक्षा और मूल्यांकन दोनों चरणों में पारदर्शिता सुनिश्चित की जा रही है।
बोर्ड प्रशासन का मुख्य लक्ष्य है कि 1 अप्रैल से नए सत्र की शुरुआत से पहले 10वीं का परिणाम घोषित कर दिया जाए। ऐसा करने से विद्यार्थियों को 11वीं में विषय चयन और प्रवेश प्रक्रिया के लिए पर्याप्त समय मिल सकेगा। अक्सर परिणाम में देरी होने के कारण छात्रों और अभिभावकों को परेशानी का सामना करना पड़ता है, इसलिए इस बार बोर्ड ने पहले से रणनीति बनाकर कार्य तेज कर दिया है।
अधिकारियों का कहना है कि उत्तर पुस्तिकाओं के मूल्यांकन में गुणवत्ता से कोई समझौता नहीं किया जाएगा। मूल्यांकन केंद्रों पर अनुभवी शिक्षकों की ड्यूटी लगाई गई है और पूरी प्रक्रिया निर्धारित दिशा-निर्देशों के अनुसार होगी। यदि सब कुछ योजना के मुताबिक चलता है तो 10वीं का परिणाम पिछले वर्षों की तुलना में पहले जारी किया जा सकता है।
कुल मिलाकर देखा जाए तो इस बार बोर्ड प्रशासन परिणाम समय से जारी करने के लिए पूरी तरह सक्रिय नजर आ रहा है। अवकाश के दिन भी देर रात तक काम करना इस बात का संकेत है कि बोर्ड इस बार किसी तरह की देरी नहीं चाहता। अब छात्रों और अभिभावकों की नजर परिणाम की आधिकारिक घोषणा पर टिकी हुई है। उम्मीद है कि मेहनत और पारदर्शी प्रक्रिया के चलते इस वर्ष 10वीं का रिजल्ट समय पर और बिना किसी विवाद के घोषित किया जाएगा।
