राजस्थान के अंदर जल्द ही पंचायत राज के चुनाव होने वाले हैं पंचायती राज चुनाव को लेकर सरगमिया तेज हो गई है इसी के मध्य नजर राजस्थान में पंचायत राज चुनाव के अंदर आर्थिक आधार पर यानी ईडब्ल्यूएस वर्क को भी प्रतिनिधित्व देने की मांग लगातार उठ रही है राजस्थान सरकार के अंदर विधायक बाबू सिंह राठौर के द्वारा एक पत्थर मुख्यमंत्री को लिखा गया है जिसमें राजस्थान पंचायती राज अधिनियम 1994 में संशोधन कर ईडब्ल्यूएस वर्क को 10% आरक्षण देने की वकालत की गई है।
राजस्थान पंचायती राज चुनाव में 10% ईडब्ल्यूएस आरक्षण की मांग
बाबू सिंह राठौर के द्वारा दिए गए पत्र में स्पष्ट रूप से लिखा गया है कि राजनीतिक प्रतिनिधित्व इस वर्ग का होना जरूरी है आर्थिक आधार पर आरक्षण कमजोर वर्ग को को दिया गया है ऐसे में उन वर्गों को आरक्षण में लाभ देते हुए पंचायत राज चुनाव में भी लाभ देना जरूरी है अगर उनको पंचायत राज चुनाव में आरक्षण मिलता है तो उनका प्रतिनिधित्व बढ़ेगा और गरीब सबको की आवाज सरकार तक पहुंच सकेगी।
राजस्थान पंचायत राज अधिनियम 1994 में संशोधन कर जिला परिषद पंचायत समिति और ग्राम पंचायत स्तर के पदों पर ईडब्ल्यूएस वर्क के लिए आरक्षित किया जाना चाहिए इसके अलावा ग्रामीण क्षेत्रों में सामान्य वर्ग के अनेक परिवार अंत्य निर्धन है आरक्षण के माध्यम से ऐसे परिवारों को युवाओं के नेतृत्व करने और लोकतंत्र की मुख्य धारा से जुड़ने का मौका मिलेगा।
राजस्थान सरकार के विधायक बाबू सिंह राठौड़ ने लिखा मुख्यमंत्री को पत्र
राजस्थान पंचायती राज अधिनियम, 1994 में संशोधन कर EWS वर्ग को 10% आरक्षण प्रदान करने के सम्बन्ध में राजस्थान सरकार ने सदैव ही सामाजिक न्याय और समावेशी विकास को प्राथमिकता दी है। भारत सरकार द्वारा संविधान के 103वें संशोधन के माध्यम से आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग (EWS) हेतु सरकारी नौकरियों और शैक्षणिक संस्थानों में 10% आरक्षण का जो प्रावधान किया गया है, उसे राज्य सरकार ने प्रदेश में प्रभावी रूप से क्रियान्वित किया है। जैसा कि विदित है, राजस्थान में वर्ष 2026 में त्रिस्तरीय पंचायती राज संस्थाओं के आम चुनाव प्रस्तावित हैं।
इसलिए जरूरी है 10% ईडब्ल्यूएस आरक्षण पंचायत राज चुनाव में
इस संदर्भ में मेरा आपसे विनम्र आग्रह है कि :—1. राजनीतिक प्रतिनिधित्व — जिस प्रकार शिक्षा एवं नौकरियों में आर्थिक रूप से पिछड़े वर्गों को अवसर प्रदान किए गए हैं, उसी प्रकार ग्रामीण सरकार (पंचायतों) में भी उन्हें प्रतिनिधित्व प्राप्त होना चाहिए।2. विधिक आधार — राजस्थान पंचायती राज अधिनियम, 1994 में संशोधन कर जिला परिषद, पंचायत समिति और ग्राम पंचायत स्तर पर पदों को EWS वर्ग के लिए आरक्षित किया जाए।3. समानता का अवसर — ग्रामीण क्षेत्रों में सामान्य वर्ग के अनेक परिवार अत्यंत निर्धन हैं। आरक्षण के माध्यम से ऐसे परिवारों के युवाओं को नेतृत्व करने और लोकतंत्र की मुख्यधारा से जुड़ने का संबल मिलेगा।अतः आपसे अनुरोध है कि बजट सत्र अथवा विशेष अधिसूचना के माध्यम से पंचायती राज चुनावों में EWS वर्ग को 10% आरक्षण प्रदान करने का निर्णय लेकर प्रदेश के लाखों युवाओं और जरूरतमंद परिवारों को न्याय प्रदान करवाकर अनुग्रहित करावें।
